Saturday, January 2, 2021

सावन

हिन्दी महीनों में #सावन महीने का विशेष महत्व है।इस महीने,बरसात अपने पूरे शबाब पर होती है।सामान्य जनजीवन को आषाढ़ महीने की बेचैनी उत्पन्न करने वाली उमस से इस महीने धीरे-धीरे छुटकारा मिल जाता है।नदी-नालें और तालाब पूरी तरह से जलमग्न हो जाते हैं।घरती माँ भी तृप्त हो जाती हैं।इस महीने उनकी प्यास धीरे-धीरे समाप्त होती चली जाती है।पूरी की पूरी धरती हरी-भरी हो जाती है।ऐसा लगता है कि सावन के महीने में प्रकृति ने जी भरकर धरा का शृंगार किया हो।
धार्मिक महत्व की दृष्टि से सावन के महीने का अति महत्वपूर्ण स्थान है।कहा जाता हैं सावन भगवान शिव
का प्रिय महीना होता हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को महादेव, आदिदेव, शंकर,रुद्र,उमेश,रमेश आशुतोष,महेश्वर,त्रिपुरारी आदि की उपमा से नवाजा गया है।सुर-असुर सभी इनको अपने आराध्य देव के रुप में मानते हैं।ये बेहद सरल स्वभाव के भोले-भाले देवता हैं।इन्हें सामान्य आराधना से प्रसन्न होने वाले देवता माना जाता है।हाँ!कभी-कभी ही गुस्साते भी हैं और जब गुस्साते हैं तो सृष्टि में आफत आ जाती है।
सावन का महीने की शुरूआत होते ही संपूर्ण #झारखंड के निवासी शिव भगवान की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यहाँ के #देवघर का #बाबा वैद्यनाथ मंदिर तो भगवान शिव के सबसे बड़ा आस्था के केन्द्र के रुप में देश-विदेश में प्रख्यात है।पलामू जिले के लगभग प्रत्येक गांव-कस्बों-शहरों में कई ऐसे मंदिर, शिवालय और आराधना स्थल हैं जहां पर भगवान शंकर की पूजा-अर्चना दशकों से होती आ रही है।
हमारे यहाँ #सिंगरा-डाल्टनगंज में भी भगवान शिव के दो प्राचीन मंदिर है एक #सिंगरा मोड़ पर तो दूसरा अमानत नदी के किनारे #सिंगरा कला में...।वैसे तो यहाँ हमेशा श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते रहते हैं किन्तु सावन के महीने में सोमवार के दिन विशेष चहल-पहल दिखलाई पड़ती है। गांव के बच्चे-बड़े और महिलाएं सुबह से ही भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनकी आराधना करते रहते हैं।
गांव में इन मंदिरों के अतिरिक्त #विभिन्न टोलों में भी भगवान शिव के छोटे-छोटे आराध्य स्थल हैं।मेरे बाबा बताते थें कि यह हमारे पूर्वजों की परंपरा रही है कि अपनी हैसियत के अनुसार अपने घर के पास भगवान शिव के आराधना स्थल का निर्माण किया जाना अनिवार्य रहता है।जहाँ पर परिजनों के साथ आसपास के सभी लोग मिलजुल कर एक जगह एकत्रित हों और पूजा-पाठ के साथ भजन-कीर्तन कर सकें।
इसी परंपरा का पालन करते हुए हमारे घर के बगल में बेलवृक्ष के नीचे चबुतरे का निर्माण किया गया है जहाँ पर भगवान शिव जी को स्थापित किया गया है।यहाँ पर आसपास के सभी लोग उनकी आराधना करते हैं।बेलपत्र,दूब,मौसमी फल, दूध और पवित्र जल से उनका अभिषेक करते हैं।महिलाएं घर का काम निपटाने के बाद यहाँ पर भजन-कीर्तन भी करती हैं।यह हमारी आस्था का महत्वपूर्ण केन्द्र है।हम कहीं भी आते-जाते हैं तो शिव बाबा का आशीर्वाद अवश्य लेते हैं।
इस वर्ष के सावन महीने का विशेष महत्व है क्योंकि विद्वान बताते है कि जिस वर्ष सावन महीने में 5 सोमवार होते हैं,उस साल रोटक व्रत लगता है।इसीलिए इस महीने #हमारे गांव की सभी क्वांरी लड़कियां अपने लिए सर्वगुणसंपन्न वर की इच्छा से बड़े मनोयोग से #सावन सोमवार का व्रत करती है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती 5 सोमवार व्रत रखने वाले सभी श्रद्धालुओं की संपूर्ण इच्छाएं पूरी करते हैं।
आप सभी भी इस अद्भुत सावन के महीने का जमकर आनंद लीजिए।प्रकृति के अपार सौंदर्य का आनंद उठाईए।भगवान शिव की आराधना कीजिए।लोकगीत कजरी का आनंद लीजिए और जमकर झूला झूलने का आनंद उठाइए।
Ajay shukla
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