Saturday, January 2, 2021

पूड़ी सब्जी

 #ठेठ_पलामू:-पूड़ी सब्जी

ठंड का मौसम है और वो भी ये #दिसम्बर का महीना है। इस कड़कड़ाती ठंड में धूप तापने के नए-नए बहानों की तलाश की जाती है। कहीं #पिकनिक की प्लानिंग होती है, तो कहीं मांगलिक अवसरों पर यात्रा करने की, क्योंकि कुछ ही दिनों के बाद बड़े दिन की छुट्टी भी होने वाली है और फिर धूमधाम से नए साल का जश्न भी तो मनाना है।
ठंड के इस मौसम में अपेक्षाकृत कुछ ज्यादा ही भूख लगती है। सही कहा गया है कि पेट भरने के बाद ही मौसम की खूबसूरती का आनंद लिया जा सकता है। इस खुशनुमा मौसम में अगर सुबह नाश्ते की बात हो तो, चाहे आप घर में हों या कहीं बाहर। सबसे सुलभ नाश्ता 'पूड़ी-सब्जी' ही होती है और अगर गर्म #पूड़ी और रस्सेदार सब्जी के साथ जलेबी भी मिल जाए तो उस असीम आनंद और मानसिक तृप्ति के सामने स्वर्ग का काल्पनिक सुख भी बेमानी प्रतीत होता है।
गाँव हो या शहर, छोटे ठेले,#टपरीनुमा होटल या फिर बड़े रेस्टोरेंट में यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है। पूड़ी और चटाकेदार सब्जी के साथ #खटमीठ जलेबी को देखकर किसी के भी मुँह में पानी आ जाता है। जिसका पेट भरा भी हो, कभी-कभी वह भी अपनी जीभ पर अंकुश नहीं रख पाता और फिर से खाने बैठ जाता है।
घर के बड़े-बुजुर्ग इसे भरपेटवा नाश्ता भी कहते हैं। जी भरकर खा लीजिए, तो लंबे समय तक खाने की फुर्सत रहती है। इसीलिए शादी-बियाह जैसा विशेष मांगलिक अवसर हो, घर में मेहमान आए हों, पिकनिक हो, भंडारा हो या फिर आज कुछ विशेष खाने का मन कर रहा है, तो सबसे पहले पूड़ी-सब्जी और जलेबी को ही प्राथमिकता दी जाती है।
पाक कला में विशेषज्ञ पूड़ी के साथ विभिन्न प्रयोग करके उसे नए स्वाद देने की कोशिश करते रहते हैं। इसीलिए अब गेहूँ के आटे के साथ मैदा और विभिन्न अनाज के आटे का प्रयोग भी होता रहता है। अब गेहूँ के आटे की सामान्य पूड़ी के साथ ही साथ उसके अंदर दाल, सत्तू,आलू, पनीर और विभिन्न मसालों का मिश्रण भरके विशेष प्रकार की पूड़ी बनाई जाती है और लोग उसे भी खूब पसंद करते हैं।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि यह सिर्फ हमारे क्षेत्र का ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे नायाब नाश्ते में एक है। भले ही अब तक हमारी सरकार की तरफ से इसे राष्ट्रीय नाश्ता घोषित नहीं किया गया हो, लेकिन सही मायनों में यह हमारा 'राष्ट्रीय नाश्ता' है, क्योंकि किसी भी जाति के, किसी भी धर्म के लोग हों, गरीब हो या अमीर हो, यह सभी का प्रिय है। यह हमारी राष्ट्रीय संस्कृति और कौमी एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है।
अगर आप इस पोस्ट से सहमत हैं, तो फिर देरी किस बात की....आज रविवार की छुट्टी है। सुबह का समय है। घर में बैठे हैं, हल्की भूख लगी है, तो आज पूड़ी-सब्जी बनाने की फरमाइश कीजिए और गर्म जलेबी लेकर आइए और सबको खिलाइए।अगर बाहर हैं, तो पता कीजिए कि अभी आपके यहाँ सबसे स्वादिष्ट पूड़ी-सब्जी और जलेबी कहाँ मिलती है। हो सके तो हमें भी बताइएगा।
©Ajay Shukla
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