#ठेठ_पलामू:- बाबा अटपटे महाराज की लिट्टी
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#डाल्टेनगंज आए मेहमान तो, कहाँ ले जाए मेजबान
हर जगह, हर शहर में कुछ-न-कुछ फेमस रहता है। वहाँ जब भी कोई नया मेहमान आए, तो उसको वहाँ जरूर ले जाया जाता है। खासकर उसको बता के खिलाया जाता है कि इस जगह का ई आईटम बहुत फ़ेमस है और साथे में सालों से चलल आ रहा कहानी। जैसे उ कब शुरू हुआ, पहिले एतना अाना में मिलता था, तो हमलोग जब लईका थे तब से ई दुकान है वगैरह-वगैरह।
अब अभी के समय में तो रेस्टोरेंट का जमाना है, हर शहर में वही 2-4 ठो खुल गया है। जहाँ वही सेम मीनू उपलब्ध है; #पनीर चिल्ली, बटर नान, #चाऊमीन यही सब। दोकान केतनो बदल दीजिए, पर टेस्ट के तनी-मनी के फरक बाकि सब एके जईसन। अब ई बताइए कि ई आईटम तो उसके यहाँ के रेस्टोरेंट में मिलता होगा, तो उसको का बताइएगा कि ई बहुत फ़ेमस है अइसे-वइसे करिएगा, तो उहो तुरन्त घुमा के जवाब दे देगा कि अरे! ई का है कभी हमारे यहाँ का फलनवा दोकान का चाऊमीन खाइए, तब बताइएगा। मिला जुला के कहा जाए, तो ई यूनिक आईटम नहीं रह गया। अब ई तो टेंशन का बात न हो गया।
अरे! पर आपलोग टेंशन में मत आइए, काहे कि आप पलामू में रहते हैं। हम आपको पता भी बता देते हैं, डाल्टेनगंज के no1 परम्परागत #स्ट्रीट_फूड का। बाजार में अमित मेडिको के सामने लगने वाला '#बाबा_अटपटे_महाराज' का लिट्टी दुकान। दुकान क्या ठेला कहिए, पर भीड़ हमेशा लगा मिलेगा। खाने से ज्यादा ले जाने वाला का भीड़ रहता है।
इसके संस्थापक या यूँ कहें कि मालिक जी का नाम श्री #शालीग्राम मिश्र है, जो कि #जमुने के रहने वाले हैं। वो अपने इस नाम की जगह '#बाबा_अटपटे' के नाम से ही ज्यादा फ़ेमस हैं। अपने नाम के अनुसार उनका अंदाज भी अटपटा था। वो अपने पैरों में कभी भी जूता चप्पल नहीं पहनते थे, बस नंगे पांव ही रहते थे। शायद अपने इसी अंदाज के कारण ही वह 'अटपटे' नाम से फेमस थे।
सबसे पहले यह दुकान बाजार में ही 1993 में खुला था। उसके बाद #नवाटोली में शिफ़्ट हो गया था, जहाँ #गोबर के #गोइठा पर सेंकाता हुआ लिट्टी मिलता था। वैसे तो #लिट्टी_चोखा के दुकान हर जगह फेमस है, पर गोइठा पर के सेंकल लिट्टी शायद ही कहीं नसीब हो। अब फिर से ई दुकान बाजार में आ गया है। लिट्टी अब चूँकि सेंकते हुए तो नहीं मिलेगा, पर घर से सेंक कर लाया जाता है और यहाँ घी में फ्राई कर के दिया जाता है।
20 रुपया में एक लिट्टी #घीव में चूर कर के मिलेगा, साथ में चोखा, चटनी आऊ अचार भी। बढ़िया-से-बढ़िया आदमी भी 2 लिट्टी खा ले तो पेट भर जाए। तब अबकि कोई मेहमान के लेके डाल्टेनगंज जाइए, तो बाबा अटपटे महाराज के लिट्टी जरूर खिलाइए। वहाँ जाने पर दु गो दुकान है पर कंफ्यूज नहीं होना है, ठेला पर बड़ा बड़ा अक्षर में लिखा मिलेगा- "शुद्धता ही हमारी पहचान है।" तो एक बार जाइए, खाइए और आप भी कोई जगह के फेमस आईटम जानते होंगे, तो उ भी कमेंट में बताइए।

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