#ठेठ_पलामू :- ढकनढाबा
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अगर हमारे यहाँ के पारंपरिक पकवानों की बात की जाए, तो उसमें बहुत सारे आईटम हैं; जैसे- #दुधौरी_केरा, #धुसका, पुआ, #छिलका, पूसहा आदि। वैसे ही लगभग विलुप्त हो गया एक आईटम है, जिसका बहुत लोग नाम भी नहीं सुने होंगे। ख़ासकर नया जमाना के मोबाईल वाला लईकन तो एकदम ना। अब कहिएगा कि जा सार के कवन अईसन आईटम है, जिसका नाम ही नहीं सुने होंगे। तो मिलिए इनसे इनका नाम है #ढक्कनढाबा। सुने थे नाम? नहीं न, आऊ जब ई पता चलेगा कि ई बनता है माटी के ढकनी में तो केतना के विश्वास भी नहीं होगा।
तब चलिए आज आपको सिखाते है ढक्कनढाबा बनाने या कहें तो ढकना रोटी बनाने। तो इसके लिए सबसे पहले समान जुटाते हैं। तो जो सबसे जरूरी आईटम है उ है दु ठो माटी के #ढकनी एगो तनी बड़ा और एक थोड़ा छोटा ऊपर से ढकने के लिए। अब चावल को फुला के मिक्सी में पीस लीजिए, पर बहुत ज्यादा पानी न डालें। इसके बाद इसमें अलग से गर्म पानी मिलाकर लगभग 1 गिलास 200-250 ग्राम चावल में मिला कर उसको पतला कर लीजिए। नमक स्वाद अनुसार मिला सकते हैं। अब गैस या चूल्हा पर मिट्टी का कढ़ाई चढ़ा लीजिए। जब वह गर्म हो जाये तो उसमें घोल को डाल दीजिए और ऊपर से दूसरे ढकनी से ढक दीजिए। कुछ समय बाद उसको धीरे-धीरे छोड़ा लीजिए। न इसमें तेल का जरूरत है, न मसाला का एकदम सादा और स्वच्छ देहाती खाना है। अब चूँकि मिट्टी के बर्तन में बनता है, इसलिए मिट्टी की खुशबू के साथ बना हुआ आईटम का मज़ा ही अलग है।
इसके साथ में आलू का रसदार सब्जी मिल जाए, तो समझ जाइए कि उस दिन तो बिना गिनती के खाया जा सकता है। अब किसी को अगर मीठा खाने का मन हो, तो घोल में बिना निमक के बनाइए और बनने के बाद एक अलग माटी के कढ़ाई में दूध ओइंटा के रख लीजिए। दूध #ओइंटाने समय उसमें ईलायची और चीनी डाल लीजिए। फिर गरमा-गरम निकाल के ढक्कनढाबा को उसी दूध में डाल दीजिए। जब काम भर दूध सोख ले तब निकाल के परोसिए । खाने में उ मज़ा आएगा न कि स्वर्ग के सुख फेल है। ई सब उ खाना है जे बढ़िया-बढ़िया राजा-महाराजा के भी नसीब में नहीं होता था। तो आज ही दु ठो ढकनी लाइए और ढक्कन पुआ, ढकना रोटी या ढक्कनढाबा बनाइए और बना के कमेंट में फोटो शेयर जरूर कीजिएगा।
नोट:- नीचे कमेंट में विडियो शेयर किया गया है, चाहे तो विधिवत बनाना सीख सकते हैं।
Photo-
Sunny Shukla
Video -
Swati Mishra
, Dharam Prakash Mishra
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