#ठेठ_पलामू:- पलामू के क्रिकेट पार्ट 1
--------------------------------------------------
#क्रिकेट वर्ल्ड कप २०१९ का पारा धीरे-धीरे चढ़ रहा है। #पलामू में ऐसे भी जेठ कम नहीं झोल रहा था, कि अब ये वाला लहर अलग से। चाहे जो कहिए अब के मोबाइल और डिश के जमाना में जब सब लोग #इंडिया के मैच घर में बैठ के देख रहा है, तो मजा तो आइए रहा है, मगर याद कीजिए उस समय को जब #रेडियो में डाबर च्यवनप्राश चौका सुन के चौक-चौराहा पे हल्ला मच जाता था, जयकारा लगने लगता था। लोग फटाक से #तिरंगा गुटखा फाड़ के मुँह में झोंक लेते थे और तुरंते दू दू गो मीठा पान के चैलेंज भी लग जाता था।
#सट्टेबाजी क्या होता है ये तो हैन्सी क्रोनिय और #अजहरुद्दीन के पहले कोई जन्बो नहीं करता था, मगर चौक पर के पान #गुमटी पर ठंढा पियावे का सट्टा जरुर लगता था। वही दौर था, जब गाँव का अपना टीम बनता था। घरे घर से लइकन के बहाली होता और फिर छंट-छुंट के टीम बनाया जाता। कौनो कौन गाँव में तो ११ गो #प्लेयर पुरबो नहीं करता था, तो पड़ोसी गाँव से दल-बदल या निर्दलीय विधायक टाइप से #बोरो प्लेयर इम्पोर्ट किया जाता था। मैच के परफॉरमेंस के आधार पे उनका रेट भी लगने लगा था बाद में तो।
क्रिकेट का पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, ठेठ पलामू के तरफ से नयी श्रृंखला शुरू की जा रही है, जिसमे पलामू के क्रिकेट से जुड़ी बातें आपके सामने कड़ी-दर-कड़ी रखी जाएँगी। के के क्रिकेट के चक्कर में पीटाया है, तो किसका इसके चक्कर मे रिजल्ट गड़बड़ाया है और कौन लईका स्कूल ट्यूशन के नाम पे अपना गार्जियन को बुड़बक बनाया है। सब पर एक-एक कर के चर्चा करेंगे।
आप भी अपने इलाके में होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिताओं से जुड़े दिलचस्प किस्से हम तक पहुँचाइए आगे बात होगी जोड़ा खंसी कप, मुर्गा कप, डिस्ट्रिक्ट लेवल, #अंतर्विद्यालय और #आज़ादी क्लब जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट्स की। बने रहिए हमारे साथ और लेते रहिए वर्ल्ड कप का मजा।
नोट:- क्रिकेट के चक्कर में पढ़ाई-लिखाई से कोसों दूर रहने वालों में हम भी थे, इसलिए शरमाएँ नहीं, घबराएँ नहीं । अपना अनुभव दिल खोल के बताएँ, बाकि हम तो हइए हैं।
1,897
People reached
206
Engagements

No comments:
Post a Comment