#ठेठ_पलामू:- घरे के व्यवस्था -1
अब पूरा देश विदेश हर जगह #लॉक_डाउन चल रहा है, एक तरफ जहाँ सबके जान के डर है वहीं दूसरा तरफ़ घरे खत्म होईत समान का डर है।
हमहुँ घरे फ़ोन किये सब के सलाह देवे ला स्टार्ट हुए कि - "सब #राशन के सर समान ले लनिहे, अभी कब तक अईसन परिस्थिति रह तऊ कोई गारन्टी ना हऊ। ईहे ला चाउर दाल आलू तेल सब मंगा के रख लिहे। "
तब ओने से बाबूजी कहे कि- तू अपन देख न पहिले उहाँ अपन जुगाड़ कर ले तू न #अमरीका में हे तोरे सोचेला पडतऊ। हमीन के घरे बारी में एतना सब्जी हई कि अभी महीना भर गुज़र हो जतई "
तब तक माई फोन ले ली पापा पर कमेंटों मारी कि - बड़का न इनकर बारी में इतना सब्जी बा कि महीना भर बैठ के खा लेंतथुन।"
ओकर बाद घरे के हाल बताने लगी कि - अभियो नया नया धान कुटाईल हई तो साल भर से उपरे के चाउर तो अइसही पड़ल हइ #कोठी में। पिछला साल घरे #मसूरी खूब होईल हलऊ तो अभियो 15- 20 किलो से उपरे दाल होतऊ। भले सब #फुटानी में घरे के दाल ना खा हल्थून लेकिन अब ना पर तो खाहि न पडताऊ। ओकरा बाद #अदौरी , #तिलोरी , चिप्स अभियो 5 किलो भर हई , घरे बारी में साग, मिचाई ,टमाटर , बैगन, #मुनगा गाहे बगाहे तनी-मनी निकलिए जा हई । दूध दही घरे रहबे कर हई । तो ओतना तो ना तबो नहियो पर में एतना व्यवस्था हई कि काम चल जतई। "
फिर बताने लगी कि -"अभी तनी सब दौड़ भाग वाला जिंदगी आउ बाजार से खरीदे के चक्कर में न ई सब कम रहे लगलन घर में न तो हर सीज़न के जवन-जवन आईटम के रखल जा सकेला ओकरा सब घरे रख हलन"
फिर एक-एक कर के बताने लगी लिस्ट इतना लंबा है कि अगर एक एक चीज के भी बताया जाये और सही में घर मे जमा कर के रखा जाए तो महीना का 3- 4 महीना में भी घरे के खाना से आदमी बोर न हो । ओइसने अभी एक दु गो आईटम खाली बताते हैं जे अभी जमा करने वाला है उ भी रेसेपी के साथे।
मडुआ साग- पहिला नाम मडुआ मने माड़ और साग मने साग । वैसे तो नगपुरिया आईटम है पर जेतना लोग जानते हैं उ खाते ही हैं। अब सब साग के तो माड़ में डाल नहीं सकते हैं तो जाड़ा के दिन में जब #मुराई के साग जेकि सब पूछता नहीं है को धूप में सुखा लीजिये, वैसे ही अभी मिलने वाला चना के साग के भी सूखा लीजिये। और जब गरमा गरम माड़ बचे तो बस उसमें दाल जैसे इसको डाल के #डभका लीजिये। अगर जाड़ा घरी टमाटर भी सूखा के रखे होंगे तो अभी उ भी काम दे देगा। नहीं पर तो जिंदा टमाटरो भी डाल सकते हैं। जब डभक जाये तो जो लहसुन खाते हैं उ लहसुन आउ सरसों तेल से ना में तो सरसों तेल मिचाई से छनका दिजीये। उसके बाद इसको गरमा गरम भात के साथ खाइये। फिर बताइये।
आइसहि गंगा महतो (#Ganga Mahto) भैया के टाईमलाइन पर एगो लेख देखे तो पता चला । #इमली जानते हैं न बड़ी नुकसान सब बता देता है अलग बात है फुचका में एकरे पर मार होता है। लेकिन जेतना नुकसान एकर फर में है उतने फायदा एकर पतई में है। आइसहि पहिले थोड़े सब #तेतर(इमली) के पतई के चटनी खाता था। उसका नया पता के भी आइसहि सूखा के रख लिया जाता था । और उसको भी माड़ में डाल के बच्चा बड़ा सब के पिलाया जाता था । आदमी के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत कारगर आईटम है ई। अब सोचिए न कि रेस्टोरेंट के सूप के मन लायक बना के घोंटने के लिए ओकर में केतनासॉस मिलाते हैं। अब वही यहाँ मस्त देहाती खट्टा वाला गरमा गरम सूप मिले तो एक के जगह 2 गिलास न खींच ले आदमी। होर्लिक्स कम्प्लेन से जादे फायदा भी होगा। ग़रीब के लईकन के हाड़ एने आदमी से जादे कड़ा काहे होता था जानते हैं इहे माड़ के चलते ।
तो आज के लिए दु गो रेसिपी रहा और हाँ टमाटर जादे हो जाये तो फेंकिए नहीं सूखा लीजिये साल भर काम देगा। भले डालने से पहिले पानी मे फुला के डालना पड़े।
पढ़ के केतना माई ,चाची ,दिदी, भौजी सोच रही होंगी न कि एकर मेहरारु बड़ी खुश रहेगी , बड़ी जानता है। तो मने बताइये न सहिये न सोच रही है कमसे कम उहे बहाने हमहुँ खुशे न रहेंगे । आशीर्वाद बनाये रखिये मने मन वाला आशीर्वाद बहुत काम करता हैं।
@Anand Keshav

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