#ठेठ_पलामू:- खामडीह
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पहिले तो गाँव मे ही बहुत लोग का #कोईलसार(किसान लोग का वह स्थान जहाँ सब्जी की खेती की जाती है) रहता था , भोरे-भोरे चल जाइए ताज़ा सब्जी तोड़वा के ले आइये । उ भी जे मन करे से ले सकते हैं । #लउका , #साग , भिंडी, #नेनुआ #बोदी ,खीरा #ककड़ी सब एकदम ताजा आऊ #फ़रेश मिलता था। पर अब गाँव में भी बहुत कम लोग सब्जी उगाते है आउर आदमी दिन प्रतिदिन बढिये रहा है जेकर चलते अब ई भी नसीब नहीं हो पाता है।
अब रह गया लोकल बाज़ार का बात तो उ भी हफ्ता में दु दिन लगता है। ज्यादा ख़रीद के रख नहीं सकते हैं काहे कि दवाई डाला हुआ सब्जी रहता है 1 -2 दिन से जादे टिकता नहीं है। अईसन में बहुत दिक्कत हो जाता था सब्जी का।
अईसन परिस्थिति के लिए राँची रोड में #लहलहे के नज़दीक एक जगह है #खामडीह जहाँ के #कोइरी लोग बहुत मेहनती है। सालो भर सब्जी का खेती करते हैं। भोरे 8 बजे से भर दुपहरिया आपको यहाँ ताज़ा सब्जी मिल जाएगा। अगर शादी-बियाह और कौनो भीड़-भाड़ है तो भी यहाँ से जा के आप सस्ता में ज्यादा सब्जी ला सकते हैं। सबका खेत वहीं है भोरे-भोरे खेत से तोड़ के एक छोटा सा #मार्केट जैसा लगता है जहाँ सब तरह का #हरियर सब्जी आपको मिल जायेगा। हाँ अगर कार से खरीदने जाइयेगा तो गाड़ी देख के 1 -2 रुपया महंगा भाव लगा सकते हैं तो मोल-भाव अपना हिसाब से करियेगा।
ई तो हम बताये #राँचीरोड का बारे में और अगर आपके आसपास भी कहीं ऐसा बाजार लगता हो तो बताईये ताकि पाठकों को जानकारी भी मिले और किसानों की सब्जी भी बिक़ सके।
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