कोरोना बीमारी के प्रकोप के बाद देश मे पहिलका चुनाव बिहार में होखे वाला बा।इ जानकर सभे बेकत बड़ खुश भइलक कि इ बार चुनाव आयोग के डेट में बियाह के लगन अउर बोट डाले/गिनती के दिन में बढ़िया दूरी बनाके रखल गइल बा।
इ पहिलका मौका बा कि इ साल लगन के आधा से अधिक सीजन पर कोरोना के नजर लाग गइल बा।केकरो बरछिया हो गइल रहे तो केकरो तिलक चढ़ गइल रहे। कोई सगाई के बाद आठ महीना से इंतज़ार करत बा कि कब हल्दी लागी। बाजा,गाड़ी अउर हलवाई सब के बयाना भी दिया गइल रहे। केतना बेकत त बियाह में आवेला ट्रेन में रिजर्वेशन करा लेले रहन।लेकिन मुदई कोरोना के कारण सब के सब कैंसिल हो गइलक।
केतना महीना से सभे लोग अब नवंबर-दिसंबर के बियाह के लगन पर आस टिका के रखले रहे। साल में लगन के गिनल-चुनल दिन त रहला। ओकरो में अब आधा लगन के दिन बिना बियाह के गुजर गइलक।जइसे सबके नुकसान होअत बा वइसने मैरिज हॉल,बैंड बाजा, गाड़ी, हलवाई अउर सबके धंधा में बहुत नुकसान होइलक। अब सब बेकत साल के अंतिम लगन में आस लगा के बइठल बा।
जेकरा घर अभी बियाह नइखे होवत। उहो परेशान बा।भाई! गाँव-घर, पास -पड़ोस में रौनक रहला त सबके बढ़िया लागला। केऊ बियाह के शानदार पार्टी के याद करत बा तो केकरो धूमधाम वाला बारात याद आवत बा। केऊ मड़वा-भात के त केऊ दू-तीन टाईम के नास्ता-पानी और बढ़िया भोजन के सोच-सोचकर परेशान बा। सभे नवंबर-दिसंबर के लगन के दिन के भरोसे बा।
हमरा नियर व्यक्ति त उ टाइम के स्वादिष्ट व्यंजन के बहुत याद करेला। इहे बहाने सभे रिश्तेदारी के मिलना-जुलना हो जात रहे। हँसी-ठिठोली अउर गलथोथरी के अलग मजा रहे। लेकिन कोरोना के कारण बियाह लगन के सीजन पर ग्रहण लग गइल बा।जे बियाह पहिले से फिक्स रहे ओकर समय बढ़ा दियल गइल।वइसे इ बीच बहुत लोग जे हड़बड़ाइल रहे तो बिना भीड़-भाड़ और बिना नाते-रिश्तेदार के इहो घड़ी में भी इ सब कार्यक्रम के निपटा देलन।
अब लाखों लोग के उम्मीद नवंबर और दिसंबर के बचल सात-आठ मुहुर्त पर टिकल बा। वइसे अभी भी डेढ़- दु महीना बचल बा। न जानें उ समय का स्थिति होइ?का मालूम,उ समय कोरोना संक्रमितो के नया रिकॉर्ड बनी या फिर सामान्य स्थिति बहाल हो जाइ। केतना लोग इंतजार में बा। भगवान से इहे प्रार्थना बा कि सब कुछ ठीक हो जाओ।जेतना कुंवार बाड़ेन , सबके इहाँ जल्दिए बैंड बाजा बाजो।
त कुल मिला के फिर से चुनाव आयोग के बहुत धन्यवाद बा कि भोट डाले अउर गिनती के दिन लगन के दिन के पहिले ही घोषित कर दिया गइल बा। ओकरा बाद बियाह की तैयारी के लिए पर्याप्त समय बच गइल बा।
फिलहाल बिहार के लोग इस मामले में भाग्यशाली बड़न कि उनकर उम्मीद पर कोई असर नहीं पड़लत। दस नवंबर तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाइ अउर फिर 27 नवंबर से दिसम्बर तक सात गो मांगलिक मुहूर्त बचल बा जेकरा में ऐतिहासिक अउर ताबड़तोड़ शादी-बियाह होइ। सब कुंवार लोगन के बहुत बधाई अउर मंगलकामनाएँ।

© अजय शुक्ला

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