नमस्कार
#ठेठ_पलामू पेज पर आज फिर हम उपस्थित हैं, एक खूबसूरत दृश्य और उस गाँव से जुड़ी नई जानकारियों के साथ।
उन्होंने अपनी जन्मस्थली गाँव के नामकरण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि #गोदरमा अर्थात रमा(लक्ष्मी देवी) के गोद में बसा हुआ। उन्होंने बताया कि उनका गाँव ईश्वर के आशीर्वाद से बहुत सम्पन्न गाँव है। यहाँ पर धान, गेहूँ, मक्का, रहर, चना, सरसों आदि सभी फसलों की खेती प्रचुर मात्रा में होती है।
गाँव के बीचो-बीच यहाँ की जीवन-रेखा 'भेलवा' नदी बहती है। नदी, पहाड़ और हरियाली के बीच बसे हुए इस गाँव के आम तो पूरे इलाके में प्रसिद्ध है। गाँव के मुकुट के समान राजगुरु (रजगुरुआ) पहाड़, उसे सुशोभित करती है। गाँव में #डीहवार बाबा, शिव बाबा, सती दाई, दुर्गा मंदिर जैसे धार्मिक स्थल है। जहाँ पर पूजा एवं मनौती से सभी के कार्य पूर्ण हो जाते हैं।
यातायात सुविधा के मामले में यह गाँव और यहाँ के निवासी बहुत सौभाग्यशाली हैं। यह गाँव राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होने के कारण पटना, राँची, अम्बिकापुर और बनारस के सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है,जबकि रेल यातायात के द्वारा दिल्ली, कलकत्ता, भोपाल, राँची और पटना जैसे महानगरों में आसानी से पहुँचा जा सकता है।
उम्मीद है, इस गाँव से जुड़ी जानकारियाँ आपको बहुत पसंद आएँगी। हम फिर आएँगे, नए चित्र और नई जानकारियों के साथ। आपके सहयोग, आपकी रुचि और आपकी बहुमूल्य जानकारी से इस 'ठेठ पलामू' पेज को समृद्ध बनाएँगे।
प्रस्तुति: अजय शुक्ल


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