#ठेठ_पलामू- 'कूड़े के ढ़ेर पर जय पलामू'
पलामू संभाग का केन्द्र है - 'डाल्टननगंज। अगर सुबह सात बजे आप छःमुहान,पाँचमुहान,महावीर मंदिर चौक की तरफ घुमने निकलते हैं तो यहाँ मुख्य मार्ग के बीचोबीच फैले हुए कूड़ा- कर्कट के ढ़ेर के अद्भुत और विलक्षण दृश्य देखने को मिलेंगे।
प्रत्येक दस कदम पर गीला-सूखा कचड़ा,पन्नी,सड़ी सब्जी और न जाने क्या-क्या....।सही मायने से यह कहा जा सकता है कि सड़क के सेंटर पर छोटे-बड़े ढ़ेरों पर यहाँ के जनप्रतिनिधियों का चेहरा दिखलाई पड़ता है कि वह अपने शहर की स्वच्छता के लिए कितने जागरूक हैं।
घड़ापट्टी पर संदीप जी की दुकान है।धुसका,कचौड़ी और जलेबी का ठेला लगाते हैं।रोज की तरह आज भी यहाँ खाने वालों की भीड़ लगी है।कचड़े पर बात हो रही है और सभी सिर्फ नेताजी लोगों को जमकर गाली दे रहे हैं।
टुन्नु भाई बतलाते हैं कि पार्षद,मेयर,विधायक,सांसद सभी को यह कचरा दिखलाई पड़ता है।कितनी बार शिकायत कर चुके हैं।यहाँ कोई सुनने वाला ही नहीं है।दूसरा मजाक करते हुए बताता है कि प्रधानमंत्री जी तो स्चच्छता के ब्रांड एंबेसडर हैं।उन्हीं का चेहरा देखकर यहाँ सबको जीताए थें कि व्यवस्था सुधरेगी लेकिन अब तो हालत और बदतर हो रही है।
एगो लईका हँसते हुए बोलता है कि मोदी जी एतना सफाई के बात करते हैं लेकिन यहाँ आकर देखेंगे तो उहो बेहोश हो जाएंगे और फिर यहाँ के मेयर को 'भारत रत्न' से सम्मानित करेंगे। तीसरका आदमी घोर निराशावादी स्वर में बोलता है कि ट्रम्पवा (अमेरिका का राष्ट्रपति)भी यहाँ के सफाई व्यवस्था ठीक नहीं कर पाएगा।
नवरात्रि का माहौल है।सुन्दर पंडाल लगे हैं। इस धार्मिक वातावरण में देवीगीत गूंज रहे हैं। लोग शहर की सुंदरता देखने अपने परिवार के साथ इसी कूड़े का ढ़ेर पर होकर गुजरेंगे।हमेशा की तरह जिम्मेदार लोग सोए रहेंगे।गलथेथरी करने वाले जनप्रतिनिधि (पक्ष-विपक्ष) राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर ज्ञान वाचेंगे और अपने शहर के दिखायी देने वाली समस्या को देखकर अनदेखा करते रहेंगे।
जय पलामू।
©अजय शुक्ल

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