पलामू का हृदय है, हम सबका #छौ_मुहान, वहीं पहुंचने पर लगता भी है की डालटनगंज में हैं। कोई नेता-मंत्री शहर आते है तो यहां माल्यार्पण कर के ही आज भी आगे अपने कार्यक्रम का श्री गणेश करते है। इसे देखते तो हम सब रोज हैं लेकिन इसकी भी एक अपनी कहानी है, जिससे कुछ लोग अनजान हैं।
कहते हैं पूरे भारत में ऐसा कोई जगह नहीं जहाँ से इतने अच्छे तरिके से छह-रास्ते निकलते हों, छौ-मुहान का वास्तविक स्वरुप देने में उस समय के डालटनगंज विधायक "ईश्वर चंद पांडेय" एवं समाजसेवी मदन कृष्ण वर्मा ज़ी का बहुत बड़ा हाथ था.
देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं बिहार के गौरव #डॉ_राजेंद्र_प्रसाद जी की तब जन्म शताब्दी महोत्स्व पुरे देश में एवं बिहार में खास कर जोर शोर से मनाया जा रहा था, और इस प्रतिमा का अनावरण तात्कालिक राष्ट्रपति #आर_वेंकट_रमण" के द्वारा 11-12-1989 को हुआ था। राष्ट्रपति के द्वारा प्रथम राष्ट्रपति के प्रतिमा का अनावरण डालटनगंज में होना इस शहर का सौभाग्य था। यह योजना तब एक बहुत महत्वपूर्ण एवं महत्वकांक्षी योजना थी, तब एक कमिटी बनी थी जिसके अध्यक्ष:- श्री उपेंद्र सिंह, सचिव:- स्व मदन कृष्ण वर्मा जी, संयुक्त सचिव :- श्री राजेश्वर पांडेय जी, एवं कमिटी के संरक्षक खुद "स्व ईश्वर चंद पांडेय जी" थे।
इसके एक तरफ स्थित काली मंदिर, तो उसके ठीक विपरीत वाले रास्ते मे स्थित मस्ज़िद। स्कूल बैग,फल-फूल, या डाल्टनगंज का डेली मार्केट जहाँ घड़ी-चश्मा, बेल्ट-रुमाल से लेकर रंग-बिरंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान मिल जाते हैं।
अभी इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक को दी गयी है, परन्तु अब लगता है वो इसे नजरअंदाज करती है। स्टेट बैंक का लगा बोर्ड उसके रख-रखाव पर कम बल्कि उसपे हक जताता ज्यादा नजर आता है।
नोट:- अगर आप सभी छः रास्तों को नहीं पहचानते तो आप पलामू में नहीं रहते।

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