Sunday, February 21, 2021

अपनी माटी अपनी बोली

 अपनी माटी अपनी बोली



अपनी माटी की महक को सँवारने, समेटने और सहेजने की अभिलाषा के साथ शुरू किया गया था #ठेठ_पलामू पेज पिछले साल आज ही के दिन! आज इसकी पहली वर्षगाँठ है।

आज सोशल मीडिया अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का तथा लोगों को आपस में जोड़े रखने एक सशक्त माध्यम बन गया है। इसी को ध्यान में रखकर हम लोगों ने इस पेज का निर्माण किया ताकि पलामूवासी अपनी माटी तथा वहाँ के लोगों से जुड़ सकें।

काफी सीमा तक अपने इस उद्देश्य में यह सफल भी हुआ है। इस पेज से लगातार पलामू में रहने वाले लोगों के साथ-साथ देश-विदेश में रहने वाले अन्य लोग भी जुड़ रहे हैं। आगे आने वाले समय में भी हमारी यही कोशिश रहेगी कि हम अधिक-से-अधिक लोगों तक अपनी पहुँच बनाएँ।

अब तक पेज को 4146 लोगों के द्वारा लाइक किया जा चुका है। पलामू के क्षेत्रों के अलावा राँची, जमशेदपुर, धनबाद, पटना, अम्बिकापुर, दिल्ली तथा मुंबई की जनता भी इस पेज से जुड़ चुकी है। यही नहीं अपने देश के अलावा सऊदी अरबिया, अमेरिका, कतर, कुवैत, ओमान, मलेशिया, म्यांमार और श्रीलंका आदि देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों की भी यह पसंद बन चुका है।

इस पेज के माध्यम से हम लगातार लोगों को पलामू की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा, रीति-रिवाज, लोक गीत, यहाँ के महत्वपूर्ण एवं खुबसूरत पर्यटन स्थल, महत्वपूर्ण पकवानों से रूबरू करवाते चले आ रहे हैं।

पेज के माध्यम से लोगों को पलामू के गौरवशाली इतिहास से भी अवगत कराया गया है, जिसमें पलामू की भौगोलिक स्थिति की जानकारी के साथ-साथ यहाँ के शासकों का भी जिक्र किया गया है। पलामू में जगह-जगह पर लगने वालों प्रमुख मेलों की भी चर्चा की गई है।

वर्ष भर में इस पेज को इस स्तर तक पहुँचाने में सहयोगी रहे हमारे लेखकों तथा पाठकगण के प्रति हम आभार व्यक्त करते हैं। हमें मूल्यवान संदेश भेजने वाले और हमारा मार्गदर्शन करने वाले व्यक्तियों के प्रति भी हम विनम्र आभार व्यक्त करते हैं। हम अपने सभी लेखकों तथा पाठकों के ऋणी हैं, जिन्होंने पेज को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
14 Apr 2019, 06:20

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