"ऐसा स्वाद जो सदा रहे याद" पलामू में दलमोट मिक्सचर का मतलब सिर्फ #मंगल_मिक्चर ही होता है। चाहे केतनो #बीकाजी और #हल्दीराम आ जाए, हम लोगों लिए स्वाद और सुगंध का राजा यही रहता है।
शाम के चाय के साथ या फिर मेहमान नवाजी के लिए इससे उपयुक्त कुछ नहीं, #अगुआ के आने पर भी #मोहनभोग के साथ भी इसे ही परोसा जाता है। #पलामू के लोग जहाँ भी रहे अधिकतर मंगल मिक्सचर अपने साथ ले कर जरूर जाते हैं, बहुत बार तो हम खुद ढोए हैं, काहे कि इसके स्वाद के टक्कर का कोई नहीं। एक तो देसी ऊपर से पलमुआ स्वाद "एक दम जीभ से हो कर आत्मा तक उतरता है" हर दिल अजीज हर किचन का बादशाह तो यही है। अचानक से खास मेहमान आ जाने पर दौड़ कर दुकान जा कर मंगल दलमोट समय पर ले आना वो भी लुका कर मेहमान की नजर पड़े बिना, कसम से #जेम्स_बांड वाली फीलिंग आती थी।
बहुगुण भी है न अब मुढ़ी चाहे चूड़ा साथ मिला लेने पर नया #नमकीन बन जाता है। चूड़ा के साथ तो वाकई इसका स्वाद #डबलगराहे हो जाता है। भूख मिटाने का सबसे स्वादिष्ट तरीका।
मंगल का देखा-देखी बहुत से लोकल ब्रांड भी आए लेकिन कहते हैं न नकल के लिए भी अक्ल चाहिए, वो नकल ही बन कर रह गए, जैसे आए सभी चले गए क्योंकि #स्वामी जी कहते हैं, "इंसान के जिह्वा को संतुष्ट कर पाना आसान काम नहीं" और रंग-बिरंगी प्लास्टिक में बिकने वाली हर मिक्सचर मंगल मिक्सचर नहीं होती।
यह पलामू के हर दुकान पर आसानी से मिल जाएगा। देहात में तो खुला में भी मिलता है एक रूपया में एक #गुल_के_डिब्बा नाप के। आप देहात के होंगे तो इस नाप को समझ गए होंगे, दुकान में मंगल ब्रांड नहीं है तो समझ लीजिए आप पलामू में नहीं है। गृह-उद्योग का सबसे अच्छा उदाहरण भी है यह कि अगर स्वाद घरेलू हो तो लोग हाथों हाथ लेते हैं। बाकी कितना भी सुंदर तरीका से पैक किया हो, लेकिन स्वाद में अपनापन नहीं लगता है।
तो अगर अबकी लग्न करना हो अगुआ को इम्प्रेस,
तो आज ही लाइये मंगल मिक्सर का 2 पॉकिट फ्रेश।
जैसे जैसे मंगल मिक्सर मुँह के अंदर जाएगा,
कुंडली का #मंगल_दोष अपने आप कट जायेगा।।
©Sunny Shukla
20 Dec 2018, 02:41
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