हम सभी लोग गाँव से जुड़े हुए हैं। गाँव के पारंपरिक खानपान की बात ही अलग होती है। आज के समय में सिर्फ उसके स्वाद ही नहीं, बल्कि उसकी पौष्टिकता और उसके अद्भुत चिकित्सकीय गुणों पर नए-नए शोध सामने आ रहे हैं।
आज इसी क्रम में मुझे#मडुआ की रोटी की बहुत याद आ रही है। मुझे अच्छी तरह से याद है कि बचपन के दिनों में लगभग हम सभी लोग देशी घी में बनी मडुए की रोटी को नमकीन मट्ठा के साथ बहुत खाए हैं। सुनहरे लाल रंग की इस रोटी का स्वाद और कुरकुरापन आज भी हमें रोमांचित कर देता है, लेकिन उस समय हम इसके स्वास्थ्यप्रद गुणों के बारे में बहुत कम जानते थे।
आजकल गाँव में धीरे-धीरे इसकी उपलब्धता कम होती जा रही है। शायद यही कारण है कि अब मडुआ बहुत महँगा हो गया है और हमारे रसोई से गायब होता जा रहा है। यह यकीन करना मुश्किल है कि नयी पीढ़ी के बहुत सारे लोग मडुए से परिचित हैं। शहरों/महानगरों में रहने वाले बहुत सारे युवाओं ने तो आज तक मडुआ की रोटी खाई भी नहीं है। लेकिन इस पोस्ट को पढ़कर और ठेठ पलामू के सम्माननीय अनुभवी लोगों के कमेंट को पढ़कर वे मडुआ के आटे को जरुर खोजेंगे।
एक जमाने में पलामू संभाग में आर्थिक रुप से कमजोर गरीब-गुरबा लोगों का यह महत्वपूर्ण भोजन था। वे अपने घर में आए मेहमान को जब इसे परोसते थें, तो घर आए मेहमान इसे बड़े चाव से खाते थें। आज भी घर-परिवार और गाँव के बुजुर्ग मडुआ रोटी खाने के अपने स्मरण को सुनाकर रोमांचित हो उठते हैं। अब तो ऐसी स्थिति आ गयी है कि गाँव-शहर में बहुत खोजने के बाद यह सिर्फ पूजा-पाठ के अवसर पर उपलब्ध हो पाता है।
क्या आपको मालूम है? अपने औषधीय गुणों के कारण अब यह अमूल्य हो चुकी है। इसमें 80 फीसदी तक कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, फाईबर, फोलिक एसिड आदि महत्वपूर्ण कारक होते हैं। डायबिटीज(#मधुमेह), #ब्लड_प्रेशर, साइटिका, आस्टौपौरिस, क्षय रोग(टीबी) और शारीरिक निर्बलता से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह अमृतबाण है। जो कि विभिन्न शोध के उपरांत सिद्ध हो चुका है।गर्भवती स्त्रियों के लिए और मोटापा घटाने के लिए इसको खाना बहुत लाभदायक होता है।
शायद यही कारण है कि #पलामू जिले के कर्मठ कृषक/श्रमिक वर्ग का यह लोकप्रिय खाद्यान्न रहा है। जिसे खाकर वह हमेशा रोगमुक्त रहते थें और मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से कर देते थें।तो यह सब जानने के बाद अब इंतज़ार किस बात का है। आप भी मडुआ के आटे की रोटी को बनाएँ और अगर घर में उपलब्ध नहीं है तो आस-पास खोजने पर यह जरूर मिल जाएगा। हाँ, अपने घर में बनी रोटी का फोटो जरूर शेयर करें, जिसे देखकर हम अपने पारंपरिक व्यंजन का लुत्फ उठा सकें।
©Divya Rani
25 Mar 2019, 06:44

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