Monday, May 21, 2018

ढह गया

ठेठ पलामू
Published 17 April
#ठेठ_पलामू : ढह गया
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केकरा केकरा याद है जी ई जगह?
पुल पार, नदी किनारे, लाल पीला
माटी के टीला पर ढह रहा किला.
ढेर कहानी सुनते थे बचपन में इसके बारे में. मेदिनी राय बहुत शौक से बनवाए थे इसको. Betla National Park में जो पलामू किला है, कहते हैं कि भीतरे भीतर सुरंग से जुड़ा हुआ था शाहपुर किला से. जब अंग्रेज़ लोग आक्रमण किए थे पलामू पर तो रानी-जनानी सब उहे सुरंग से भागी थी और उधर राजा-प्रजा-सैनिक सब अमानत-कोयल-मइला नदी को खूने-खून कर दीहिस. जब लगा कि हार जाएंगे तो उधर से सुरंग को भर दिया गया तुरंत ताकि रानी साहेब तक फौज न पहुंच पाए.
और भी ढेर सारी कहानियां थी इस से जुड़ी. कोई खजाने की बात सुनाता तो कोई इच्छाधारी नाग की जो पीढ़ियों से वंश की रक्षा करते हैं.
कुछ साल पहले गए थे इहाँ तो जुआरियों का अड्डा था. कोई 'राहुल की पिंकी' दिल और कमान बना के इसके भीत पर गोदना जैसा गोद दिया था. बगल मे मवेशी चर रहे थे, जो सब घास साफ कर दिए, जिससे बारिश में मिट्टी का कटाव और बढ़ गया. टीला और किला दोनों ढहने लगे.
कुछ दिन बाद देखने को मिला कि कुछ मरम्मत का काम चालू हुआ है. करेजा ठंडा हुआ कि शायद पुरखों की धरोहर बच सकेगी. लेकिन नतीजा? जैसा कि पलामू में अक्सरे होता है, काम कम, ताम- झाम जादा.
अबकी गए फोटो खींचने तो खोजिए नहीं पाये. धरती निगल गयी होगी आपन पेट में सुरक्षित रखने के लिए शायद.
आप लोग कम से कम अपना याद में तो सुरक्षित रखिए इस धरोहर को.
हर पलामू वासी तक पेठाईये इस पोस्ट को.
कॉपी पेस्ट भी कर सकते हैं, बस क्रेडिट और hashtag जरूर यूज़ किजियेगा इतना ही रिक्वेस्ट है 🙏
© सत्यान्वेषी स्वामी 

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