#ठेठ_पलामू : तूम्बागड़ा
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तुमबागारा सतबरवा नवजीवन अस्पताल न जाने कितनों की जन्मस्थली है।
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तुमबागारा सतबरवा नवजीवन अस्पताल न जाने कितनों की जन्मस्थली है।
अब ना हर जगह बड़का बड़का होस्पिटल खुल गया है और लोग रांची भी जाने लगे हैं। लेकिन कुछ साल पहले तक पलामू और इसके अगल बगल के जिले के सारे लोग इसी पर निर्भर थे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के लिए।
एक बार भैया के साथ रांची जा रहे थे। अचानक ही उन्होंने गाड़ी रोक दिया और बोले कि- तुम सब का जन्मस्थली आ गया उतर के यहां की धरती को प्रणाम करो!
पाँच बच्चे थे उस वक़्त गाड़ी में! सबने उतर कर धरती को प्रणाम किया और हम सब भावुक हो गए।
पाँच बच्चे थे उस वक़्त गाड़ी में! सबने उतर कर धरती को प्रणाम किया और हम सब भावुक हो गए।
सच बात है! सभी लोगों का लगाव तो हो ही जाता है अपनी जन्मस्थली से।
और अगर उस जमाने यह हॉस्पिटल नहीं होता तो परेशानी का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता! पिछड़े हुए पलामू में यह अस्पताल जीवन रेखा के समान था उस वक़्त!
ना जाने कितनो को जीवन दिया है इस अस्पताल ने और आज भी लोगों को सेवा दे रहा है....
मुझे भरोसा है कि आज भी 90s के 90% लोगों की जन्मस्थली तुमबागारा ही है!
तो आइये फिर से नमन करें अपनी जन्मस्थली को इस ठेठ पलामू के सौजन्य से
🙏
किसी के पास और कोई तस्वीर हो तो कृपया यहां पोस्ट करें!
© Sunny Shukla
© Sunny Shukla

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