#ठेठ_पलामू : बरवाडीह
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Sunny Shukla के साथ Amit Pandey और Rohit Pathak आज आपको लिए चलते हैं बरवाडीह के सफर पर. Apna Daltonganj से महज कुछ किलोमीटर दूर है प्रकृति की गोद में अवस्थित यह रमणीय पर्यटन स्थल. आप ट्रेन से भी पहुंच सकते हैं यहाँ. सड़क से Betla National Park की ओर से भी यहां आया जा सकता है.
चारों तरफ से पहाड़ और जंगल से घिरे इस सुन्दर स्थल पर अंग्रेज़ अफसर भी मोहित हुए थे, इसलिए नजदीक के केचकी में डाक बंगला बनवाया था उन्होने पर्यटन और प्रकृति दर्शन के उद्देश्य से. बाद में रेलवे के विकास के साथ बरवाडीह जंक्शन का भी निर्माण हुआ. BDM ट्रेन का नाम तो सुना होगा आपने, जी हाँ इसमे B- बरवाडीह है, डेहरी मुगलसराय के साथ साथ.
आज आपको लिए चलते हैं हम बरवाडीह पहाड़ी पर. काफी गर्मी है यहाँ मगर बादलों को देखकर हम ने पहाड़ चढ़ने का फैसला कर लिया है. ऊंचाई से आस पास का मनोरम नजारा देखकर सारी थकान गायब हो गई.
मंदिर दर्शन के लिए ग्राम देवी के मंदिर से शुरुआत करते हैं और फिर शिव-पार्वती प्रतिमा दर्शन के पश्चात सीढियां चढ़ते हुए राम भक्त बजरंगबली का दर्शन करते हैं. और आगे चढ़ने पर माँ काली के मंदिर दर्शन करने का भी सौभग्य प्राप्त होता है. प्रति वर्ष शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में लोग यहाँ पूजा करने आते है. तकरीबन 40 वर्ष पूर्व इस नए वाले मंदिर को स्थापित किया गया था, हालांकि यहां के निवासियों की आस्था तो सदियों पुरानी है. कई तरह की मान्यताएं हैं और उतनी ही तरह की रोचक कहानियां. कोई रामायण कालीन बाली सुग्रीव के साम्राज्य से सूत्र जोड़ता है तो कोई पाण्डवों के अज्ञातवास से.
मंदिर के प्राचीन होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्वती मंदिर निर्माण हेतु 'श्री श्री अनन्त श्रीनाथ बाबा चरितबन (बक्सर)' के सानिध्य में बसंत पंचमी विक्रम संवत २०३०को यज्ञ किया गया था.
हम तीनों की मंदिर यात्रा गर्मी के दिनों में है तो हमने यहाँ बहुत कुछ देखा और समझा. इस स्थान में एक सुसज्जित और व्यवस्थित पर्यटन स्थल बनाए जाने की सारी संभावनाएं मौजूद हैं. प्राकृतिक दृश्य, जंगल, पहाड़, मंदिर, आस्था और ऐतिहासिक महत्व. सरकार से बस थोड़ी सी मदद मिले तो यह स्थान पर्यटन नक्शे पर चमकने लगेगा.
कुछ सुझाव हमारी तरफ से जो हम ने महसूस किया. ~बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था हो.
~सीढ़ियों को सही आकार में बनाया जाए.
~मंदिर के आप पास के पेड़ पौधें को भी बचाया जाए व पौधरोपण भी किया जाए. इससे पर्यावरण का भी फायदा है.
~यात्रियों के लिए कुछ चिन्हित जगहों पे बैठने के लिए स्थल का निर्माण भी किया जा सकता है.
~जगह के हिसाब से यहाँ एक उद्यान भी बनाया जा सकता है.
~सुरक्षा के दृष्टि से अभी यहाँ पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जा चुका है.
~सरकार के द्वारा इस मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित किया जाए ताकि इसका समुचित विकास किया जा सके. यह कदम इस क्षेत्र के लिए एक अवसर प्रदान कर सकेगा.
खैर ये तो हुई सुझाव और विकास की बातें जो सरकार करेगी. हमारा आपसे अनुरोध है कि इस मंदिर का भ्रमण जरूर करें. पर्यटन बढ़ेगा तो क्षेत्र और स्थल दोनों का विकास ख़ुद ब खुद होने लगेगा. जाइए और वहां की तस्वीरें हम से शेयर किजिये. पेश है बरवाडीह की कुछ झलकियां.
© रोहित पाठक
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