Friday, January 6, 2023

" चिनिया बदाम "

मूंगफली जिसे हम पलमूवा लोग ज्यादातर 'चिनिया बदाम' कहते हैं, यह समय बिताने का भी बड़ा अच्छा साधन है। शायद यही वजह है कि इसे ' टाइमपास ' भी कहा जाता है। याद है बहुत पहले डालटनगंज से रांची जाते समय मैकलुस्कीगंज से एक ' खराब चायवाला ' और एक चिनिया बदाम वाले ट्रेन में चढ़े थे, "टाइमपास, बोलिएगा टाइमपास" कहते हुए । एकबारगी समझ में नहीं आया कि यह टाइमपास है क्या? खोमचे में देखा तो हमारा चिरपरिचित 'चिनिया बदाम' था!
खैर नाम कुछ भी हो पर अकेले में, ट्रेन में, सिनेमा हॉल में सचमुच चिनिया बदाम बहुत बड़ा टाइमपास है। बचपन में जब कभी 'मोहन' या 'नवकेतन' में सिनेमा का टिकट लेते, तो साथ साथ चिनिया बदाम भी कागज के तिकोने में जरूर खरीदते थे हमलोग, फिर ठोंगे में, और उसके बाद पॉलिथीन में मिलने लगा चिनिया बदाम। पर गुण वही, स्वाद वही, काम वही, यानि समय बिताने और स्वाद का अनोखा भंडार। "टेस्ट भी और हेल्थ भी" विज्ञापन की टैगलाइन भी शायद हमारे चिनिया बदाम से प्रभावित होकर बनी होगी।
जितना बढ़िया इसका टेस्ट होता है, उतना ही अधिक यह हेल्दी भी होता है । खासकर जाड़े में इसका सेवन बहुत ही लाभदायक है या यूं कहें कि यह गरीबों का काजू, पिस्ता, अखरोट है। ग्रामीण महिलाएं, जिन्हें भरपूर पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता या परिवार को सब खिलाने के चक्कर में खुद पौष्टिक आहार नहीं ले पातीं, उनके लिए भी यह काफी सर्वसुलभ और सस्ता पौष्टिक आहार है। क्योंकि महंगा होने के कारण ड्राय फ्रुटस उनकी बजट से बाहर होते हैं। पर चिनिया बदाम ऐसा ड्राई फ्रुट है, जिसे हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं और यह हर घर में बड़े ही चाव से खाया जाता है।
जाड़े में गुड़ के साथ बादाम गुड़पट्टी खूब खाई जाती है, तो कुछ लोग बदाम पकौड़े पसंद करते हैं, तो कुछ लोग इसके दानों को पोहे के साथ भूनकर खाना पसंद करते हैं। पर हर किसी की पसंद है यह चिनिया बदाम। महंगाई के इस दौर में हलवाई इसे पीसकर बर्फी बनाते हैं और काजू कतली कहकर बेचते भी हैं( यह जानकारी एक हलवाई द्वारा दी गई गुप्त सूचना पर आधारित है 😃 )।
चिनिया बदाम की इतनी बातें हों और उसकी चटनी की बात न हो तो यह भी नाइंसाफी है । मुझे मालूम है आप सबने जरूर इसकी चटनी भी खाई होगी, इडली, डोसे के साथ या चावल दाल के साथ। जाड़े में धूप सेंकते हुए चिनिया बदाम फोड़ते रहने का भी अपना एक अलग मजा है। है न चिनिया बदाम एक खजाने की तरह!!!!
आपकी क्या राय है? आप भी अपने यादों के खजाने से चिनिया बदाम से जुड़े अनुभव निकालिए और लूटा दीजिये ' ठेठ पलामू " के इस प्लेफॉर्म पर..
© शर्मिला शुमि

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