Thursday, January 19, 2023

" अंग्रेज़ी में पलमुवा लेखक "

 एक पलमुवा के लिए अंग्रेज़ी में किताब पढ़ना कौनो हिमालय चढ़ने से कम थोड़े ही है। लेकिन अब दूसरा कोई रास्ता भी नहीं बचता, जब हमारे Gyan Singh भाई जी खाली अंग्रेज़ी में ही किताब लिखते हैं। पलामू का होकर अंग्रेज़ी में साहित्य का सृजन करना हम सब पलामूवासियों के लिए गर्व की बात है।

शिव भक्त ज्ञान जी पहले एक रोमांटिक नोवेल लिख चुके हैं, जिसे पढ़ कर इतना तो अंदाजा हो ही चुका था कि इनमें सृजन की अद्भुत क्षमता है और देखिए ये भगवान शिव की महागाथा में एक और नगीने जोड़ भी चुके हैं। प्रस्तुत किताब "Cursed Snake Of Lord Shiva" त्रय-खंड की प्रथम पुस्तक है और विश्वास मानिए आप पढ़ते वक्त एक दूसरी ही दुनिया में गोते लगा रहे होते हैं। शिव जी के गर्दन में लिपटी नाग की भी एक अपनी कहानी होगी, किसने सोचा था।
ज्ञान भाई की जितनी भी तारीफ की जाए कम है, जिन्होंने हमें मनोरंजन के साथ पौराणिक किरदारों से भी परिचित करवाया। हैरी पॉटर और नोर्निया के जादुई जंगलों में सैर से हज़ार गुना बेहतर है अपनी खुद की सांस्कृतिक यात्रा। गर्व है हमें अपनी संस्कृति और विरासत पर, गर्व है हमें ज्ञान सिंह जैसे लेखकों पर जो वाल्मीकि और तुलसी की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जरूरत है हमें फिर से अपनी पौराणिक कहानियों को, कथाओं को रीमेक करने की, आज की पीढ़ी को जिस भाषा में पढ़ना कूल लगता उसी में परोसने की। ताकि कोई अंग्रेज़ी में बर्गर खाते हुए ये ना बोले-
"We don't have characters like vikings and Thor in stories to tell".
जरूरत है जड़ों की ओर लौटने की, अपनी विरासत पर गर्व करने की, तो चलिए एक बार पढ़ देते हैं ये किताब और ज्ञान सिंह भाई को धन्यवाद पलामू को राष्ट्रीय पटल पर रखने के लिए। कमेंट बॉक्स में अमेज़न का लिंक है, भाई की किताब आर्डर करना ना भूलें। अब तो डिस्काउंट भी मिलने लगा है।
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