पूजा के एक दिन पहले हमीन के दिमाग हिलल रहता है। काम बहुत बढ़ल रहता है ना, सेहिसे सबे पूजा में शामिल बचवन को पैनिक अटैक आ रहा होता है, नतीजतन छोट-छोट बात पे चिल्लाने लगना, अपने अलावा सब लइकन कामचोर दिखना, इ सब साधारण लक्षण है कि लईका पूरी तरह से रम गया है कम पइसा में जुगाड़ लगा के भव्य आयोजन करने में।
चंदा कलेक्शन उम्मीद से कम हुआ है, उसी में सब मैनेज करना पड़ेगा ना! पिछला बार 4 किलो बेसन का बुंदिया बनवाये थे, घट गया था, मेंबर लोग के घर तक में प्रसाद नहीं पहुंचा पाए थे। इस बार 6 किलो बेसन का बनवाना है। नवनीत का किराना दुकान है, बोल रहा था कि बाज़ार में होलसेल रेट में डालडा, बेसन, चीनी खरीद के ले जाएगा। अविनाश के जिम्मे डेकोरेशन का सामान खरीदना है, फूल वाले के पास आज ही जा के फूल ले आना है, ला के फूल माला को फ्रीज़ में रख देना है। भोर में पंडाल तैयार होए के बाद आखिरी में फूल माला से सजाना है।
मूर्ति लाने चिंटू और विकास चला जायेगा, रिक्शा पे पकड़ कर के बैठना होगा ठीक से, डैमेज नहीं होना चाहिए, नया लाल कपड़ा लेते जाइयेगा मूर्ति ढंकने के लिए। गाजर और बेर बोलल है टीभू साव को, हमर घरे पहुंचा देगा आज शाम को ही, कल भोरे मोहल्ला के लइकन चेंगन को लगाना है गाजर काटने में। टेंट हाउस वाला को फोन करो कि दुगो कनात और टेबुल और चाहिए, एतना में कइसे मैनेज होगा, परसादी बांटे ला टेबुले नहीं लिखे लिस्ट में, और एक देने नाली का पानी दिख रहा है, कनात से ढंकवाना होगा इसको।
आज रात में कौनो रेंगन नहीं सोएगा। सुबहे से दु गो मजदूर लगावल है झाड़ी और घास की सफाई के लिए। शाम तक चकाचक चाहिए पूरा एरिया। आज शाम तक ही दु गो हैलोजन पंडाल एरिया में लग जाना चाहिए। रात भर गढ्ढा खोदना है, बल्ली मजबूत गड़ाना चाहिए पंडाल का, टूटल ईंट्टा डाल के कूट देना है बढ़िया से उलट के सब्बल, हिल भी ना पावे एको बल्ली। फिर झंडी का रस्सी लगाने के लिए पतरका डंडा गाड़ना पड़ेगा, पंडाल से लेके रोड तक दूनो देने झंडी टँगल रहना चाहिए। लेकिन बढ़िया से लकड़ी गाड़ना है, काहे कि ओकरे में ट्यूब लाइट लगेगा। पांडेय जी के घर के पीछे ढेरे केला का थंब है, दु चार गो पूजा के नाम पर काटने नहीं देंगे, द्वार पे केला का थंब मस्त लगेगा नइ! डैम देने जाके पेड़ का हरा-हरा बड़हन डाली कटवा के मंगवा लेते ना तो एकदम हरियरी छा जाता पंडाल में।
सजाने के लिए बढ़िया-बढ़िया साड़ी भी माई-पितीयाइन लोग से तसिलना है। पिछला बार एगो में अगरबत्ती से छेद हो गया था, बड़ी गाली पड़ा था। होता है एतना, यज्ञ है ये, आहुति तो देना ही पड़ता है ना सबको। परसादी छनवाने का काम बाबुजी को देंगे, कउनो पर भरोसा नहीं है हमको, मौका मिलते ही एकाध बाल्टी बुनिया गायब कर देगा सब। आधा रात के डालडा, चीनी घटी-बढ़ी के लिए नवनीत के दुकान से मंगवा लिया जाएगा। माँ शारदे, शक्ति दे माँ कि सब मैनेज कर लें। बहुत भक्ति भाव से लइकन लगा है माँ। बस आप ही संभाल सकती हैं, बहुत दिमाग गिजबीजा गया है।
जय माँ शारदे, सब बढ़िया होगा।
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