दुश्मन कांप रहे थे तब,
जब, लड़ रहा था पलामू का हरिद्वार,
जान दे दी मातृभूमि के लिए,
तुम्हें आज पूरा देश कर रहा सलाम।
नमन करती है पलामू की धरती,
गर्व करती है तुम पर ये माटी,
तुम्हारे वीरता की कहानी
युगों तक सुनेंगे बच्चे
हर बच्चा हो तुम जैसे वीर
कोयल की धारा यही कहती है।
© Sunny shukla

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