Monday, July 2, 2018

डॉ गोविंद माधव ने किया पलामू का नाम रौशन

रिम्स रांची से एमबीबीएस तथा एमडी मेडिसिन की पढ़ाई करने वाले डॉ गोविंद माधव का चयन एम्स में डीएम न्यूरोलौजी के लिए हुआ है. उन्हे पी जी आई मे भी सातवां स्थान प्राप्त हुआ है, मगर वे एम्स से आगे की पढ़ाई करने के बाद रिसर्च करना चाहते हैं, उसके बाद रांची में ही नीमहांस बंगलोर की तरह का एक विश्वस्तरीय न्यूरो संस्थान विकसित करना चाहते हैं जिससे एक ही केंद्र में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, साइकियाटरी आदि सभी रोगों का बेहतरीन इलाज तथा शोधकार्य संभव हो सके.

उनका पैतृक निवास पलामू जिला का #पोलपोल गाँव है. माँ अमिताभा देवी कुशल गृहिणी है और पिताजी श्री कृष्ण कुमार पाण्डेय मेदिनीनगर न्यायालय में अधिवक्ता. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव मे ही हुई थी. 2006 में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए उन्होंने झारखंड मे तीसरा स्थान हासिल किया था और इस तरह वे अपने गाँव से पहले डॉक्टर हुए थे, और अब डीएम न्यूरोलॉजी करने वाले वे पूरे पलामू प्रमंडल के पहले डॉक्टर हैं.

अपनी सफलता का श्रेय वे रिम्स के प्रोफेसर, पोलपोल सरकारी स्कूल से लेकर रोटरी स्कूल तथा संत जेवियर कॉलेज रांची के शिक्षकों, परिवार, करीबी मित्रों और साथी चिकित्सकों को देते हैं.

डॉक्टर गोविंद माधव एक कुशल सहृदय चिकित्सक के साथ साथ अच्छे लेखक और कवि भी हैं, सोशल मीडिया तथा विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाली उनकी रचनाएँ काफी पसंद की जाती है. वे कला और साहित्य की समझ के लिए अपने दादाजी रामचन्द्र पाण्डेय और नानाजी धनेन्द्र प्रवाही के विशेष योगदान का जिक्र करते हैं.

वे चिकित्सा जगत से जुड़ी कहानियों का संकलन रूपी किताब भी लिख रहे हैं. उनका एक मिशन चिकित्सा विज्ञान की पुस्तकों का हिन्दी अनुवाद करना भी है.

ठेठ पलामू पर भी हम उनकी रचनाये और आलेख प्रकाशित करते रहते हैं. हमारे और पूरे पलामू की तरफ से उन्हे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं.

हमे आप पर गर्व है!

©️ Sunny shukla

2 comments:

  1. बहुत सुंदर बा, बधाई रउरा के💐

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  2. Pol pol kha hai kaun sa prakhand

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