मिठाई का राजा अगर कोई है तो उ है कलाकंद. और वो भी तुम्बागड़ा का कलाकंद.
अगर आप आज तक नहीं खाए हैं और हमारी तरह खाने के शौकीन हैं तो जल्दी से खाइए. मंगवा के या खुद जा कर खरीद के खाइए. स्वाद ऐसा कि जीभ पर रखते कलाकंद घुल जाता है और उसकी मिठास आत्मा तक उतर के मन मिज़ाज को तर कर देती है.
आज घूमने गए थे सतबरवा तरफ तो किन लिए. खाते-खाते सोचे कि आप लोग को भी याद करा दें.
इहाँ के हलवाई के सामने देश-विदेश के कोई कारीगर नहीं टिकेगा कलाकंद बनाबे के मामला में. भले मास्टर शेफ के हजार एपिसोड देख के कोशिश कर ले.
ढेर लोग हित-पहूनइ करे जाता है तो वहां भी शान से लेकर जाता है. जाइए आप भी. आषाढ़ का महीना खत्म हो गया है, अगुआई करने का प्रयास करना है तो क्यों न कलाकंद से किया जाए...
©️ Sunny Shukla
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