पलामू के पर्यटन की जानकारियों की श्रृंखला में आपका स्वागत है।आज हम पर्यटन की दृष्टि में सबसे महत्वपूर्ण पलामू किले की बात करने वाले हैं। आप पलामू जिला घूम रहें हैं, तो आपका सफ़र तब तक अधूरा है, जब तक आप पलामू क़िला नहीं देख लेते हैं।
मेदिनीनगर से बरवाडीह जाने वाले रास्ते में, मेदिनीनगर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है पलामू किला। पलामू क़िला अपने गौरवपूर्ण इतिहास को समेटे हुए खड़ा है। यहाँ पर जाने के बाद आप नजदीक से पलामू के गौरवशाली इतिहास से परिचित होंगे।ऐतिहासिक किवदंतियों के अनुसार यह रक्सैल वंश के राजाओं के द्वारा निर्मित है।बाद में चेरो वंश के लोकप्रिय राजाओं ने इसे और संवारा।अतीत में यह किला पलामू के सत्ता का केन्द्र रहा है।
यहाँ पर लगभग आधे-आधे किलोमीटर की दूरी पर दो किलों के ध्वंसावशेष दिखलाई पड़ते हैं। लंबा समय गुजर जाने के बावजूद भी यहाँ की चौड़ी और ऊँची दीवारें अभी तक सही-सलामत खड़ी हैं, जो किले के मजबूती का सबूत है। हरियाली से खूबसूरत वादियों में इन दोनों किलों में इतिहास की कई परतें दबी हुयी हैं।जो पलामू के गौरवमयी इतिहास की अमूल्य धरोहर है।
किले के शुरूआती हिस्से में,यहाँ का विशाल द्वार बाँहें फैला कर आपका स्वागत करती है। अंदर जाते ही किले की शानदार बनावट और सीढ़ीदार कुआं आपको रोमांचित कर देगा, चूँकि किला बहुत पुराना है।ऊबड़-खाबड़ और पथरीले रास्ते भी हैं,इसलिए यहाँ घुमते समय, सावधानी बरतना भी बहुत जरूरी है।किले की ऊंची दीवारों पर चढ़ कर, चारों तरफ के जंगलों और घाटियों का नज़ारा देखना पर्यटकों को खूब पसंद आता है।इसीलिए तो यहाँ पूरे साल पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है।
प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पलामू किले में कई फिल्मों की शूटिंग भी होती रहती है। दूर-दूर से लोग यहाँ की खूबसूरती को निहारने के लिए घूमने आते हैं। पलामू क़िला से लगभग तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर हीं है -'बेतला नेशनल पार्क',जो कि पलामू टाइगर रिजर्व के लिए फेमस है।आप यहाँ पर स्वच्छंद विचरण करते हुए टाइगर के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के दुर्लभ प्रजाति के पशु-पक्षियों भी देख सकते हैं।
बगल में ही है शानदार म्यूजियम।जिसमें आपको विभिन्न वन्य जीवों के बारे में रोचक जानकारी मिल जाएगी। प्रत्येक मौसम में यहाँ पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।अगर आप यहाँ रुककर,इस खूबसूरत स्थान की खूबसूरती ,रहस्य और रोमांच को करीब से अनुभव करना चाहते हैं तो आपके ठहरने के लिए आस-पास कई होटल मिल जाएँगे। शहर से थोड़ी ही दूरी पर, शांत वातावरण मेें, ये दोनों जगह पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं।
फोटोग्राफरों के लिए तो यह एकदम सटीक जगह है क्योंकि यहाँ पर उन्हें प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ जंगली जीव और ऐतिहासिक स्थल को कैमरे में कैद करने का सुनहरा अवसर मिलता है।यह दिसंबर का महीना है।आइए,गुनगुनी धूप में पलामू किले और बेतला नेशनल पार्क में एक यादगार यात्रा का आनंद लीजिए। पिकनिक स्पॉट की लिस्ट में, इन दो जगहों को करिए मार्क, पकड़िए गाड़ी और घूम आइए.... #पलामू_किला और #बेतला_नेशनल_पार्क।
© बालेन्दु शेखर

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