ठेठ पलामू
अपनी माटी, अपनी बोली
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Friday, March 3, 2023
" बासी रोटी "
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भोरे-भोर भूख अपने प्रचण्ड प्रहार से मुझे पराजित करने के लिए प्रयासरत था, रसोई की तलाशी ली जा चुकी थी, फ्रिज का कई बार औचक निरीक्षण कर लिया ग...
Thursday, March 2, 2023
लालटेन
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बिजली के तार में लटके इस लालटेन को देख रहे हैं आप। साहब! यह कोई काल्पनिक व्यंग नहीं, पलामू की विद्युतीय सच्चाई है। All reactio
Wednesday, March 1, 2023
" माथा में रंगबाज़ कपरफुटा हो गया है "
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कभी किसी प्रवासी पलमुवा(अर्थात साल में एकाध हफ्ता के लिए पधारने वाले) के साथ बस 15 मिनट बिताइए। आपको पलामू को देखने का एकदम नया नज़रिया मिल...
Tuesday, February 28, 2023
" डेढ़-गोड़िया साईकिल "
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डेढ़-गोड़िया जो हमलोग अपने भाषा मे बोलते हैं साइकिल सीखने का दूसरा स्टेज है। कोई-कोई इसको "कैची" भी बोलता है। डेढ़-गोड़िया इसलिए क्यों...
Monday, February 27, 2023
घर का चिप्स, पापड़, अचार
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पलामू में त जाड़ गया नहीं कि गर्मी बरसे लगता है। बसंत फसन्त के कल्चरे नहीं रखे हैं हम लोग आपन यहां। साल-शूटर उतरा नहीं कि डाइरेक्टे पंखा कू...
Friday, February 24, 2023
अर्रे आवअ बर्रे आवअ
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अर्रे आवअ बर्रे आवअ नदिया किनारे आवअ सोने के कटोरे में दूध भात ले ले आवअ ए बाबू के मुंह में घूं ... ट! एगो आउर छोटे गो के गीत माई सुनावत रहे...
Thursday, February 23, 2023
" नीम्बू की निमकी "
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संभवतः शीर्षक पढ़ते हुए आपके मुंह में पानी जरूर आ गया होगा। मेरे हिसाब से नीम्बू की निमकी को अचारों का राजा कहा जाये, तो शायद ही किसी को आपत्...
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